दुबले पतले इंसान की जिंदगी तो ‘कुछ खाया करो’ सुनने में चली जाती है !

दुबले पतले इंसान की जिंदगी तो ‘कुछ खाया करो’ सुनने में चली जाती है !

दुबले पतले इंसान की जिंदगी तो '''कुछ खाया करो' सुनने में चली जाती है !

 

मुकेश (डॉक्टर से)- साहब, मुझे एक समस्या है.

डॉक्टर- क्या.

मुकेश- बात करते वक्त आदमी दिखायी नही देता.

डॉक्टर- ऐसा कब होता है.

मुकेश- फोन करते वक्त.

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डॉक्टर- मुबारक हो, आप के घर लड़का पैदा हुआ है.

पति- अरे, यह तो कमाल की टेक्नॉलॉजी है. बीवी मेरी हॉस्पिटल में है और बच्चा घर में पैदा हुआ है.

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पति (पत्नी से)- अगर ऑपरेशन के दौरान मुझे कुछ हो जाये तो उसी डॉक्टर से शादी कर लेना.

पत्नी (पति से)- ऐसा क्यों कहते हो जी.

पति- तो क्या डॉक्टर को माफ कर दूं.

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जज- तुम्हारा जुर्म साबित हो चुका है. कल तुम्हें फांसी पर चढ़ाया जायेगा.

पप्पू- वो तो ठीक है लेकिन उतारा कब जायेगा. दुकान भी तो खोलनी है, धंधा वैसे ही मंदा चल रहा है.

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